मानव जीवन के मह्त्वपूर्ण ज्योतिषीय उपाय

मानव जीवन के मह्त्वपूर्ण ज्योतिषीय उपाय

मानव जीवन के मह्त्वपूर्ण ज्योतिषीय उपाय

“पूर्व जन्मकृतम् पापम् व्याधि रूपेन बाधते ! तत् शान्ति: औषधि: दानम् जप होम कृताद्भि:”

अर्थात मानव जीवन में वर्तमान या पूर्वजन्म मे किये गये शुभाशुभ कर्मो के फलस्वरूप तथा ग्रह और नक्षत्रों के प्रभाव से सुख और दुःख का चक्र हमेशा चलता रहता है। सुख में हमें कोई तकलीफ नहीं होती है लेकिन दुःख इंसान को परेशान कर देता है। हम सबकी जिंदगी में ऐसे कई अवसर आते हैं जब हमें लगातार संघर्ष वा परिश्रम करने के बाद भी सफलता और सुख हमारी पहुंच से दूर रहते हैं। दुःखों को दूर और सफलता प्राप्त करने के लिए हम शास्त्रीय विधि से कई प्रयास करते हैं। इन प्रयासो में भारतीय ज्योतिषीय उपाय, तंत्र-मंत्र, टोटके, जप, यज्ञ-अनुष्ठान तथा साधना आदि प्रमुख हैं। वस्तुत: भारतीय ज्योतिष में ऐसे अनेकानेक उपायों का वर्णन है जिनकी सहायता से हम अपने दुःखों पर काफी हद तक नियंत्रण पाने में सफल हो सकते है। इनमें नवग्रहों की शांति के उपाय, नौकरी, व्यवसाय, संतान प्राप्ति, सफलता, पितृ दोष, शीघ्र विवाह समेत कई परेशानियों के धर्म शास्त्रीय उपाय और प्रचलित प्राचीन टोटके प्रमुख हैं।

  • वैदिक वा फलित ज्योतिष में उपाय

“ग्रहाधीनम् जगत् सर्वम्” अर्थात इस चराचर संसार कि समस्त गतिविधियां नवग्रहों से संचालित और नियंत्रित होती है तथा वैदिकज्योतिष में समस्त जनों की दृढ आस्था और विश्वास है क्योंकि उन सबको अपनी  समस्त दैवीय-मानवीय समस्याओं का समाधान इसी वैदिक ज्योतिषशास्त्र में ही  प्राप्त होता है। यही कारण है कि जब बच्चे का  जन्म होता है तभी  उसकी जन्म कुंडली का निर्माण कराया जाता है। ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि वो अपने जीवनकाल में किस प्रकार उन्नति करेगा, उसके मार्ग में कौन-कौन सी बाधाएं आएंगी और किस प्रकार उन समस्याओं का समाधान होगा। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में जब समस्याएं हमें घेरती हैं तो व्यक्ति वैदिक ज्योतिष के विभिन्न उपायों के जरिये उनका समाधान प्राप्त करने का प्रयास करता है और उपाय करके सुखी जीवन जी सकता है।

  • ग्रहों के रत्न से सम्बंधित उपाय

वैदिक ज्योतिष और मानव जीवन में सदैव रत्नों का विशेष महत्व रहा है। रत्नों ने हमेशा आभूषण के साथ-साथ हमें ज्योतिषीय लाभ के रुप में भी हमें आकर्षित किया है। ज्योतिष जगत में रत्नों को अत्यंत सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र कहा जाता है। क्योंकि प्रत्येक रत्नों का एक स्वामी ग्रह होता है जो उस ग्रह से संबंधित परेशानियों को दूर करके शुभ फल की प्राप्ति कराने मे सहायक है। इनमें माणिक्यमोतीमूंगापन्ना , पुखराज, हीरा, नीलम और जमुनिया आदि समेत नवग्रहो के रत्न और उनके उपरत्न हैं। जिन्हें अपनी कुण्डली अनुसार धारण करने से जीवन में आ रही अनेकों समस्याओं का समाधान होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

  • यंत्र से संबंधित उपाय

अनादिकाल से ही यंत्रो के प्रयोग का शास्त्रो तथा लोक-प्रचलन में विस्तृत वर्णन प्राप्त होता है, जिससे यह स्पष्ट है कि यंत्रों में अपार शक्ति होती है और इनके प्रयोग से मानव जीवन में आने वाली अनेक  सम्स्याओ का समाधान हो जाता है, इसलिए भारतीय ज्योतिष में यंत्र सिद्धि, स्थापना वा उसके प्रयोग पर अधिक जोर दिया जाता है। हमारे घर, कार्यालय और कारखाने में सुख-समृद्धि बनी रहे इसके लिए हम विविध यंत्रों की स्थापना करते है। जैसे-  नवग्रह शांति यंत्र, वाहन दुर्घटना नाशक यंत्र, महामृत्यूंजय यंत्र, व्यापार वृद्धि यंत्रकुबेर यंत्रवास्तु यंत्रधनवर्षा यंत्रमहालक्ष्मी यंत्र और काल सर्प दोष निवारण यंत्र समेत अनेक यंत्रो का वर्णन हमारे ग्रंथो मे किया गया हैं! 

  • प्रचलित असरदार टोटके

भारत देश के प्राचीन वैदिक व ग्रामीण सभ्यता में टोटकों का विस्तृत इतिहास रहा है  टोटके कम समय में प्रभावी फल देने वाले होते हैं। ज्योतिष शास्त्र और लालकिताब आदि ग्रन्थों में ऐसे कई टोटकों का उल्लेख प्राप्त है। जिनके जरिये कम समय में मनुष्यों के दुःख दूर हो जाते हैं। ऋषि-मुनियों ने मानव कल्याण के लिए ज्योतिष शास्त्र में बहुत से सरल, सुगम और प्रभावशाली टोटके बताये हैं। इनके प्रयोग से मानव अपनी समस्याओं का समाधान कर सकता हैं। वैदिक ज्योतिष में दिये गये टोटकों को अंधविस्वास नहीं कहा जा सकता है क्योंकि कम समय और कम धन खर्च करके व्यक्ति अपनी समस्याओं को सुलझा सकता है। लेकिन  इन उपायों को प्रयोग करते समय  सावधानी की परम आवश्यकता होती है,अतः  ध्यान दे टोटकों का प्रयोग किसी जानकार विद्वान पंडित और ज्योतिषी से परामर्श करने के बाद ही करना चाहिए नहीं तो इसका दुष्परिणाम भी हो सकता है।

  • तंत्र-मंत्र की साधना

तंत्र-मंत्र की साधना को ज्योतिष शास्त्र में सबसे कठिन लेकिन सबसे असरदार बताया गया है। जप,तप, अध्यात्म और मंत्र प्रयोग के बल पर कई मनुष्यों ने असंभव कार्यों को भी संभव कर दिखाया है। परन्तु  आज के आधुनिक युग में तंत्र-मंत्र की साधना करना इतना आसान नहीं है। जबकि विषम परिस्थितियों में यदि मनुष्य तंत्र-मंत्रों का सहारा लेता है तो, उसकी हर राह आसान हो जाती है।

  • उपाय करते समय निम्नलिखित सावधानियो को अवश्य बरतें-
  • किसी भी उपाय और टोटके को करते समय मन में यह विश्वास रखना चाहिए कि मेरे द्वारा किया गया यह कार्य ईश्वर की कृपा से मुझे अवश्य ही शुभ फल प्रदान करेगा।
  • उपाय और टोटकों की गोपनीयता को बनाये रखें। इसका मतलब है कि इसके बारे में हर किसी को न बताएँ।
  • सभी उपाय वैदिक रीति से योग्य आचार्यो के प्रतिनिधित्व में पूर्णतः सात्विक होकर करना चाहिए।
  • अपने मन में यह भाव रखे कि आस्था, विश्वास और पूर्ण श्रद्धा के साथ किया जाने वाला यह कार्य सफल होता है।
  • धन लाभ संबंधी किये जाने वाले उपाय को शुक्ल पक्ष में करना अधिक लाभकारी होते हैं, क्योंकि इस समय चद्र्मा की कलाये वृद्धि को प्राप्त होती हैं।
  • शास्त्रों में चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी को रिक्ता तिथि यानि खाली तिथि माना गया है इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि इस दिन विद्वान ज्योतिषी और पंडित से परामर्श लेने के बाद ही उपाय या टोटकों का प्रयोग करना चाहिए।
  • ज्योतिषीय उपायों का महत्व

ज्योतिषशास्त्र में लोगों का अ‍टूट विश्वास है, इसलिये  जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता और मनोभिलाषित  फल प्राप्त करने के लिए ज्योतिषीय उपायों और मान्य टोटकों की अत्यधिक मान्यता है। लोगों के अनुभवों से पता चलता है कि इन उपायों को शस्त्रीयविधि और उचित रीतिपूर्वक  करने से कार्य अवश्य सिद्ध होते हैं। जीवन में हर व्यक्ति की इच्छा होती है कि उसके पास सारे सुख-साधन और प्रचुरधन हो लेकिन ऐसा सबके साथ हो यह आवश्यक नहीं है। एक ओर जहां किसी के पास अपार दौलत है वहीं दूसरी ओर कोई जरूरी सुविधाओं के लिए लालायित रहता है। इसलिए इस दुनिया में हर व्यक्ति की अपनी-अपनी समस्याये होती हैं और इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए ज्योतिष शास्त्र में उपाय, टोटके और तंत्र-मंत्र- यंत्र आदि बताये गये हैं। इनके माध्यम से व्यक्ति काफी हद तक अपनी परेशानियों को दूर कर सकता है और एक सुखपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकता है।

इस लेख में हमने धन प्राप्ति, संतान प्राप्ति, और नौकरी रोजगार आदि में पदोन्नति प्राप्ति करने समेत कई अन्य उपायों के बिषय  में जानकारी प्रदान करने की कोशिश की है। इन ज्योतिषीय उपायों की मदद से ग्रहों और ईश्वर की कृपा  प्राप्त होती है और मनुष्य के कार्यों में आ रही बाधायें  दूर होती है और उसे धन और समस्त सांसारिक सुखों की प्राप्ति होती है। इस प्रकार अनेक शास्त्र-सम्मत ज्योतिषीय उपायों  और टोटकों के द्वारा मनुष्य अपने जीवन की कठिन समस्याओ / बाधाओं को दूर कर, एक सफल व सुखद-समृद्ध जीवन यापन की कामना कर सकता है। किंतु याद अवश्य रखें- किसी भी प्रकार के ज्योतिषीय उपायों और टोटकों का प्रयोग करने से पूर्व विद्वान जानकार ज्योतिषी या योग्य विद्वान पण्डितजी से परामर्श अवश्य लेना चाहिए तथा उन्ही के मर्गद्र्शन मे उपरोक्त विधि सम्पादित करवानी चाहिये नही तो कई बार लाभ कि जगह हानि प्राप्त हो जाती है।

 

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